⚠️ बांकुड़ा जिले में 100‑दिवसीय योजनाओं की बकाया राशि पर अनिश्चितता — कुल ₹304 करोड़ रुके हुए
हुगली (पश्चिम बंगाल): जिले में चल रही 100‑दिवसीय ग्राम रोजगार योजना में ₹304 करोड़ की लंबित राशि को लेकर अचयनता की स्थिति बनी हुई है। पिछले तीन वर्षों से इस योजना को बंद रखा गया है। अब, अगस्त में इसकी पुनरारंभ की संभावना बढ़ी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार बकाया राशि का भुगतान करेगी और ग्रामीण मजदूर काम पर लौटेंगे या नहीं?
🗂️ बकाया राशि का पूरा ब्यौरा
-
Hughli जिले में कुल 6.7 लाख सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं।
-
राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से मजदूरों के वेतन के रूप में ₹82.52 करोड़ जारी किए।
-
फिर भी,
-
₹20.77 करोड़ सेमी‑स्किल्ड और स्किल्ड श्रमिकों को बकाया हैं,
-
और ₹200.57 करोड़ बकाया है सामग्री (जैसे झाड़ी काटना, नदी की पाट बनाना, नाली साफ करना) पर।
-
-
कुल मिलाकर, योजना में अब भी ₹303.86 करोड़ का बकाया राज्य के पास लंबित है।
😓 स्थानीय अधिकारियों की समस्या
-
राज्य शासन की ओऱ से वेतन भले आ रहे हों, लेकिन सुपरवाइज़र, जो स्थानिक कामों की देखरेख करते हैं, उन्हें एक पैसा तक नहीं मिला है।
-
उदाहरण के तौर पर, बांकुड़ा जिले के कोला गांव से दीपेन मुखोपाध्याय और अन्य कई सुपरवाइज़रों ने पिछले तीन वर्षों से भुगतान न मिलने का रोना रखा है। उन्होंने साफ कहा कि बिना वेतन काम करना संभव ही नहीं है।
-
स्थानीय जिला प्रशासन इन्हें भुगतान करने के लिए तत्पर दिख रहा है, लेकिन मुख्य पैसा केंद्र से मिलने में देरी हो रही है।
📌 संकट क्यों खड़ा हुआ?
-
केंद्र सरकार ने 100‑दिवसीय कामों के लिए फंड बाँटना बंद कर दिया था।
-
तभी से राज्य सरकार ने अपने कोष से मजदूरों को भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन यह राशि सुपरवाइज़र और सामग्री पर खर्च किसी के पास नहीं पहुंची।
-
अब कोलकाता हाई कोर्ट ने इस योजना को अगस्त से फिर शुरू करने का आदेश दिया है, लेकिन बकाया राशि के भुगतान की साफ गारंटी नहीं दी गई, जिससे अधिकारी और मजदूर दोनों चिंतित हैं।
🧭 संभावित समाधान
-
प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार से जल्द भुगतान की मांग की जा रही है।
-
पंचायत विभाग ज़ोर दे रहा है कि बिना बकाया राशि खर्च के योजना फिर नहीं चल सकती।
-
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर केंद्र राशि तुरंत जारी करता है, तो अगस्त से योजना दोबारा शुरू हो सकती है और ग्रामीणों को रोजगार मिल पाएगा।
📢 Bengal News पर पढ़ते रहिए राज्य की योजनाओं, ग्रामीण जीवन और आपकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर असली कहानी — बिल्कुल सटीक, साफ़ और सरल हिंदी में।
👉 इस खबर को शेयर करें और बताइए — क्या आपकी राय में सरकार को राशि तुरंत रिलीज करनी चाहिए?
