🛕 दिघा में पहली रथयात्रा को लेकर सीएम ममता बनर्जी की बड़ी बैठक — सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक सब तय
दिघा (पूर्व मेदिनीपुर): इस साल पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध समुद्री पर्यटक स्थल दिघा में पहली बार भव्य रथयात्रा का आयोजन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने और इसे पूरी तरह से सुरक्षित व शांतिपूर्ण बनाने के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में राज्य और जिला प्रशासन के आला अधिकारी, पुलिस अधिकारी, आपदा प्रबंधन टीम, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
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🔒 सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी, श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा सुनिश्चित
रथयात्रा में दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को अत्यंत सावधानी से तैयार किया जा रहा है:
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पूरे रूट पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था होगी।
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विशेष पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी।
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स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे भीड़ में शांति बनाए रखने में मदद कर सकें।
🚫 अनुशासन होगा सख्त: सभी को रथ खींचने की अनुमति नहीं
ममता बनर्जी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि:
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रथ को सिर्फ पंजीकृत और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा खींचा जाएगा।
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आम श्रद्धालुओं को रथ की रस्सी छूने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन खींचने की नहीं — ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
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रास्ते में बैरिकेडिंग, जल की व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, और आपातकालीन वाहन तैनात किए जाएंगे।
🧹 रथयात्रा से पहले खुद सफाई करेंगी ममता बनर्जी
दिघा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भी की कि वह रथयात्रा के दिन ‘स्वच्छता अभियान’ की शुरुआत करेंगी। रथ के मार्ग की सफाई स्वयं मुख्यमंत्री झाड़ू हाथ में लेकर करेंगी — ताकि जनता को साफ-सफाई और अनुशासन का संदेश दिया जा सके।
🧭 समय और आयोजन की रूपरेखा
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23 जून, रविवार दोपहर 2:30 बजे रथयात्रा का शुभारंभ होगा।
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इससे पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा का आयोजन होगा, जो लगभग दो घंटे चलेगा।
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सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर गतिविधि का समय इस तरह तय किया जाए कि श्रद्धालुओं को धूप, बारिश या भीड़ से परेशानी न हो।
🚗 यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान
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रथ यात्रा के दिन वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
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वैकल्पिक मार्ग, अस्थायी पार्किंग स्थल और पैदल यात्री ज़ोन बनाए जाएंगे।
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ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि फ्लो मैनेजमेंट के साथ-साथ भीड़ का मनोवैज्ञानिक प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाए।
🌊 दिघा को मिलेगा नया धार्मिक और सांस्कृतिक रूप
ममता बनर्जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से भी अहम होते हैं। उनका मानना है कि इससे:
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स्थानीय पर्यटन को नई पहचान मिलेगी,
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रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,
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और बंगाल की संस्कृति को विश्व स्तर पर ले जाया जा सकेगा।
🙏 मुख्यमंत्री की अपील: धर्म में अनुशासन जरूरी है
सीएम ममता ने जनता से अपील की कि:
"धार्मिक आस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन आयोजन की मर्यादा और अनुशासन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है। रथयात्रा केवल उत्सव नहीं, यह हमारी परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।"
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