🗣️ “बार्धक्य भत्ता बांटने पर आईटी विभाग का पत्र?” — अभिषेक बनर्जी ने उठाया बड़ा सवाल
कोलकाता/सातगाछिया (दक्षिण 24 परगना): तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनकी टीम को ‘श्रद्धार्घ्य’ नाम से चलाए जा रहे वृद्धावस्था भत्ता योजना को लेकर, इनकम टैक्स विभाग से नोटिस भेजा गया है। सांसद का मानना है कि यह सरकारी एजेंसियों के ज़रिए राजनीतिक दबाव और लोक कल्याण कार्यों में बाधा डालने की साज़िश है।
📩 क्या कहा अभिषेक बनर्जी ने?
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सांसद ने आरोप लगाया कि 7 जनवरी और 24 फरवरी 2025 को दो अलग-अलग बार उन्हें यह नोटिस भेजा गया, जिसमें पूछा गया कि उन्होंने क्यों 76,000 से ज्यादा वृद्ध नागरिकों को बिना सरकारी फंड से, स्वयं के संसाधनों के माध्यम से भत्ता दिया।
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अभिषेक का कहना है कि यह कदम BJP की कोशिश है — गरीबों की मदद रोकने और स्थानीय विकास योजनाओं को बाधित करने का।
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सांसद ने यह भी ऐलान किया है कि दुर्गा पूजा से पूर्व वे कार्ड की एक लाख प्रतियां छपवा कर प्रत्येक लाभार्थी को भेजेंगे, ताकि जनता को इस राजनीतिक खेल की जानकारी हो।
🎯 सांसद की योजनाएं और राजनीतिक सफ़ाई
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उन्होंने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में ‘सेबाश्रय’ हेल्थ सर्विसेज और ‘श्रद्धार्घ्य’ भत्ता स्कीम के तहत वृद्धों को तत्काल मदद मिलती है।
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सांसद ने कहा कि इनकम टैक्स नोटिस आने पर भी वे अपना काम नहीं छोड़ेंगे और विकास योजनाओं को पहले की तरह जारी रखेंगे, क्योंकि ये उनके लिए जनसेवा का काम है, न कि घटनाचक्र।
🛡️ BJP का आरोप और TMC की प्रतिक्रिया
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अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि BJP चाहती है कि बंगाल की योजनाएं गुजरात या यूपी जैसे राज्यों में फंड लें, लेकिन यहाँ गरीबों की मदद न हो।
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इस कार्रवाई पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया आई है। टीएमसी सांसद ने कहा,
“ED, IT, CBI से जो भी कार्रवाई होगी, उससे हमारा काम नहीं रुकेगा — हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।”
🤝 TMC का संदेश:
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अभिषेक बनर्जी ने साफ़ कहा कि वे ग़रीबों की मदद करना छोड़ेंगे नहीं, चाहे कितने भी नोटिस क्यों न आएँ।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘श्रद्धार्घ्य’ योजनाओं से उनके क्षेत्र के वृद्धों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है — और यही उनका राजनीतिक मानदंड है।
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