🗣️ "पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?" — अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर सीधा सवाल
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर सवाल उठाया कि जब इतने लोगों की जान चली जाती है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफ़ा क्यों नहीं देते?
अभिषेक ने केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं, बल्कि केंद्र की है। फिर भी जब इतनी बड़ी घटना होती है, तो कोई जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती?
🔥 अभिषेक के पाँच तीखे सवाल:
-
आतंकी देश में दाखिल कैसे हुए?
क्या हमारी सीमा पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जो आतंकवादी घुसपैठ कर पाए? -
खुफिया तंत्र की नाकामी क्यों?
क्या इस तरह की बड़ी साजिश की भनक खुफिया एजेंसियों को नहीं लगी? -
पेगासस जैसे निगरानी टूल्स किस काम के हैं?
क्या इन्हें विपक्ष की जासूसी के बजाय आतंकियों पर निगरानी के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए? -
हमलावरों का क्या हुआ?
अभी तक यह स्पष्ट क्यों नहीं है कि आतंकवादी मारे गए या फरार? -
पाकिस्तान की भूमिका पर सरकार चुप क्यों है?
क्या यह हमला पाकिस्तान प्रायोजित नहीं था? और यदि था, तो भारत की विदेश नीति क्या कहती है?
🛑 टीएमसी की तीखी आलोचना: "सिंदूर की राजनीति और सुरक्षा की चूक"
टीएमसी ने बयान में कहा कि केंद्र सरकार "सिंदूर और मंदिर" जैसे भावनात्मक मुद्दों में उलझी हुई है, जबकि देश की असली ज़रूरत सुरक्षा और जवाबदेही है। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसी घटना पश्चिम बंगाल में होती, तो केंद्र सरकार तुरंत राज्य सरकार पर सवाल खड़े करती। लेकिन जब खुद की जिम्मेदारी आती है, तो सब चुप हो जाते हैं।
📍 पहलगाम हमला: घटना का सार
पहलगाम के पास एक पर्यटक वाहन पर आतंकियों ने हमला कर दिया था, जिसमें कई लोग मारे गए। इस हमले में बंगाल के कुछ नागरिक भी मारे गए, जिससे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। यह हमला एक बार फिर साबित करता है कि आतंकी संगठन अब भी भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने में सक्षम हैं।
💬 राजनीतिक प्रतिक्रिया
अभिषेक बनर्जी ने मांग की कि अगर गृह मंत्रालय इस तरह की चूक नहीं रोक सकता, तो गृह मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वे "राज्य सरकारों को कोसने में व्यस्त" हैं, जबकि खुद की नाकामी पर पर्दा डाल रहे हैं।
📢 Bengal News पर पढ़ते रहिए राजनीति, सुरक्षा और आम जनता से जुड़ी खबरें बिल्कुल साफ, सच्ची और जिम्मेदार भाषा में।
👉 इस खबर को शेयर करें और बताएं — क्या आप मानते हैं कि सरकार को इस पर खुलकर जवाब देना चाहिए?
