🚨 दिघा रथयात्रा की सुरक्षा के लिए कोलकाता पुलिस के 10 अनुभवी ट्रैफिक सर्जेंट तैनात, चप्पे-चप्पे पर निगरानी की तैयारी
दिघा/पूर्व मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध समुद्री पर्यटन स्थल दिघा में इस बार रथयात्रा का आयोजन बेहद भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है। भीड़ की संभावित भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के 10 अनुभवी ट्रैफिक सर्जेंट्स को विशेष रूप से तैनात करने का फैसला किया है।
इन अधिकारियों की नियुक्ति का मकसद है — भीड़ का नियंत्रण, ट्रैफिक की सटीक व्यवस्था, और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना। ये सभी सर्जेंट 27 जून तक दिघा में तैनात रहेंगे और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे।
🎯 विशेष फोकस: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था
रथयात्रा के दौरान दिघा में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और सामाजिक पर्व बन चुका है, जिसमें बंगाल के अलावा ओडिशा, झारखंड, बिहार और असम से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
कोलकाता पुलिस के ये अधिकारी:
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प्रमुख मार्गों और चौराहों पर भीड़ को नियंत्रित करेंगे।
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यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति न बने।
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दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण रखेंगे।
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रथ के गुजरने वाले मार्गों को क्लियर और व्यवस्थित बनाए रखेंगे।
🛑 सीसीटीवी, ड्रोन और हाई अलर्ट
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आयोजन स्थल और प्रमुख क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
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ड्रोन कैमरे भी हवा से निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध हलचल या भीड़ के असामान्य जमावड़े पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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पूरे इलाके में वॉच टावर्स बनाए गए हैं, जहां से पुलिस कर्मी निगरानी कर सकें।
इस बार प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई भी ढिलाई न बरतने का फैसला लिया है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की सुविधा और सुरक्षा के लिए अलग ज़ोन और सहायता केंद्र बनाए जा रहे हैं।
👮♂️ प्रशासन की टीम और नियंत्रण व्यवस्था
कोलकाता से आए ट्रैफिक सर्जेंट पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) के अधीन रहकर कार्य करेंगे। उनके साथ स्थानीय थानों के अधिकारी और विशेष दल मिलकर राउंड द क्लॉक ड्यूटी करेंगे।
हर अधिकारी को रथयात्रा मार्ग, आपात निकासी रूट, और भीड़ के संभावित बिंदुओं की पूरी जानकारी पहले से दे दी गई है। उन्हें भीड़ प्रबंधन, संचार, और आपात प्रतिक्रिया की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है।
🗣️ मुख्यमंत्री की अपील: संयम और श्रद्धा बनाए रखें
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस उत्सव को शांति और व्यवस्था के साथ मनाएं। उन्होंने कहा:
“रथयात्रा आस्था का पर्व है। रथ की रस्सी छूना पवित्र भाव का प्रतीक है, लेकिन उसे ज़बरदस्ती खींचने की कोशिश न करें। भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें ताकि सभी सुरक्षित रहें।”
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि वह स्वयं भी इस आयोजन में भाग लेंगी और परंपरा के अनुसार रथ की रस्सी खींचने से पहले उसकी पूजा और सफाई करेंगी।
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